S.S.J.S.N कॉलेज के स्टाफ का रहा अड़ियल रवैया, प्रिंसिपल दे रहे यूनिवर्सिटी को दोष

S.S.J.S.N कॉलेज के स्टाफ का रहा अड़ियल रवैया, प्रिंसिपल दे रहे यूनिवर्सिटी को दोष
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S.S.J.S.N कॉलेज के स्टाफ का रहा अड़ियल रवैया, प्रिंसिपल दे रहे यूनिवर्सिटी को दोष
S.S.J.S.N कॉलेज

गढ़वा:- गढ़वा प्रखंड अंतर्गत S.S.J.S.N कॉलेज का भवन करोड़ का है सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है परंतु सुविधा का उपयोग नहीं किया जा रहा है।S.S.J.S.N कॉलेज में दूसरे कॉलेज का परीक्षा केंद्र दिया गया है। कॉलेज में ना हीं पीने का पानी और ना ही बल्ब पंखे की चलने की सुविधा दी गई है। बच्चों को 3 घंटे परीक्षा देने के लिए गर्मियों में बेदर्दी से बैठा दिया गया।परीक्षा के कुछ घंटे बाद ही गर्मी से छात्र छात्राओं की हालत खराब होने लगी।दो तीन छात्र छात्राएं बेहोश होकर गिर गए एवम् परीक्षा भी नहीं दे पाए,लेकिन प्रिंसिपल का अड़ियल रवैया रहा। प्रिंसिपल राउंड पर भी नहीं रहे क्योंकि उनके रूम में कूलर की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी।प्रिंसिपल से पूछने पर कहा गया की परीक्षा देना है तो दो नहीं तो जाओ यहां से। हमने एनपीयू यूनिवर्सिटी को परीक्षा केंद्र देने को नहीं कहा है।जब बच्चों की तबीयत ही खराब हो जाएगी तो छात्र परीक्षा देकर क्या करेंगे।प्रिंसिपल ने कहा कि बिजली की सुविधा यूनिवर्सिटी नहीं देती है, NPU यूनिवर्सिटी को हमने बहुत बार ग्रुप में लिखा लेकिन सुविधा नहीं दिया गया।कॉलेज परिसर में सुविधा होने के बाद भी हाथी का दांत साबित हो रहा है। प्रिंसिपल ने यह भी कहा कि कॉलेज में सुविधा अपने पैसों से लगाया गया है ।पहले यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ खेला जाता था अब आधुनिक भविष्य में जिंदगी से भी खेला जा रहा है।कॉलेज में पंखा होने के बावजूद भी बच्चों को गर्मी में बैठाया गया,बल्ब लगे के बावजूद भी अंधेरों में रखा गया।आसमान में काले बादल घिर गए थे इसीलिए पूरे रूम में अंधेरा छा गया लेकिन तब भी बल्ब नहीं जली। मानो ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जिस कॉलेज का परीक्षा केंद्र दिया जा रहा है उससे आपसी रंजिश है। इस तरह का अड़ियल रवैया शिक्षक और प्रिंसिपल के द्वारा किया गया।

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